व्युत्पत्ति बेनीवाल/फरीदाबादः इस भाग में दौड़ने वाली जिंदगी में आम तौर पर खर्राटों को गहराई और नींद का प्रतीक माना जाता है। आपने कई बार सुना होगा कि आपको अच्छी नींद आ रही है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि खर्राटों में अच्छी नींद नहीं होती है, ये गंभीर समस्या के संकेत होते हैं। खतरा लेने वाले व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि वे खतरा मोल ले रहे हैं। जिन लोगों को खर्राटे की समस्या होती है, उन्हें जगाने के बाद सूखे मुंह और गले में जलन का दाग हो जाता है। आपके स्वास्थ्य के लिए खतराटे लेना खतरनाक साबित हो सकता है। तो, आज डॉक्टर टी सी गिद्धवाल से जानते हैं, आखिर हम खर्राटे क्यों लेते हैं?
डॉक्टर टी सी गढ़वाल ने बताया कि सांस लेने की स्थिति में किस तरह की स्थिति निर्धारित की जाती है, जिसे अक्सर नाक और गले में देखा जाता है। मोटापा, अधिक सिगरेट और शराब का सेवन, अनिद्रा या नाक में एलर्जी आदि के कारण खतरा हो सकता है। खतरा लेते समय सांस रुक जाती है, तो यह स्थिति खतरनाक होती है। उन्होंने बताया कि अगर आप दिन भर में भी सोथ टाइम खर्राटे लेते हैं तो भी गंभीर समस्या हो सकती है। तनाव, अत्यधिक नींद आना, सिर दर्द आदि खर्राटे के लक्षण हो सकते हैं।
ख़तरे के बचाव
डॉक्टर टी सी गढ़वाल ने बताया कि, खतरा लेते समय सांस रुक जाती है, तो यह स्थिति खतरनाक होती है। अगर आप एक दिन में भी सात्विक समय बर्बाद करते हैं, तो यह भी गंभीर समस्या हो सकती है। लाइफस्टाइल स्टाइल और आइटम में बदलाव कर वजन कम करें। अगर साइनस या थायर पूर्वोत्तर की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
(नोटः यहां दी गई जानकारी डॉक्टर से बातचीत पर आधारित है। इन तथ्यों की न्यूज 18 पुष्टि नहीं करता है।)
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पहले प्रकाशित : 31 दिसंबर, 2023, 20:31 IST
