उत्तर
शरीर का वजन कम करने के लिए लोग विचार-विमर्श में बदलाव, रोज़मर्रा की बातें करते हैं।
जो लोग ज्यादातर हेल्थ कॉन्शियस होते हैं वो ग्रीन टी या फिर ब्लैक टी पसंद करते हैं।
वजन के हिसाब से ब्लैक टी की तुलना में ग्रीन टी ज्यादा खतरनाक बनी हुई है।
वजन घटाने वाली चाय: शरीर का वजन कम करने के लिए लोग विचार-विमर्श, नियमित दिनचर्या और अलग-अलग तरह के पेय का सेवन करते हैं। लेकिन, जो ज्यादातर स्वास्थ्य कॉन्शियस होते हैं वे ग्रीन टी या ब्लैक टी पसंद करते हैं। लेकिन, यहां ज्यादातर लोगों का सवाल होता है कि आखिर दोनों का वजन बेहतर कौन है? आइए सेंट्रल कमांड हॉस्पिटल, नाइकल के इंक्सिटिशियन एवं डायबिटीज एजुकेटर रोहित यादव से जानते हैं कि ग्रीन टी या ब्लैक टी में अधिक प्रभावशाली कौन है?
मेटाबोलिज्म क्या है, कैसे काम करता है
सिद्धांतवादी रोहित के अनुसार, वजन घटना या शुरुआत आपके मेटाबोलिज्म पर असंतुलित है। वास्तव में, मेटाबोलिज्म एक क्रिया है जो आपके शरीर के पोषण में ऊर्जा को बदलती है। इससे पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे में अगर हमारा आर्किटेक्चर और गैर-बराबरी वाला जाए तो मेटाबॉलिज्म स्लो होता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।
ग्रीन टी या ब्लैक टी में बेहतर क्या?
दार्शनिकों के अनुसार, वैसे तो वजन के हिसाब से ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों ही कमाल की हैं। लेकिन ग्रीन टी अधिक प्रभावशाली मणि बनाती है। बता दें कि ग्रीन टी में कैटेकिन्स नामक प्लांट कंपनी का गठन होता है, जो मेटाबोलिज्म को वजन घटाने में मदद कर सकता है। साथ ही, ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो फाइट को ठीक करने में मदद करते हैं। वहीं, ब्लैक टी भी फ्लेवोनॉयड और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है जो वजन नियंत्रण में प्रभावशाली हो सकते हैं। लेकिन फिर भी ग्रीन टी के चर्च ब्लैक टी में फाइट बर्निंग कंपनी की कमी है। साथ ही ब्लैक टी के इलेक्ट्रॉनिक्स ग्री टी की प्रॉसेसिंग भी कम है, जिससे ये और भी ज्यादा प्रभावशाली साबित होती है। इसलिए दोनों में ग्री टी के अच्छे नतीजे देखने को मिलते हैं।
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ग्रीन टी: ग्रीन टी में कैटेकिन्स नामक प्लांट कंपनी मौजूद है जो मेटाबोलिज्म को वजन में कमी में मदद कर सकती है। वहीं ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो फाइट को रिकवर करने में मदद करते हैं। साथ ही ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट ईजीसीजी होता है, जो वसा को शामिल करने में मदद करता है। साथ ही पेट भरा-भरा महसूस होता है, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है।
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काला टी: ब्लैक टी में फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट की समानता होती है जो वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। लेकिन ब्लैक टी में ग्रीन टी के कॉम्प्लेक्स और फ़ीट बर्निंग कंपनी के ग्राउंड नहीं होते हैं। इसलिए, टी वजन के आधार पर ग्रीन सबसे ज्यादा आकर्षक है।
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पहले प्रकाशित : 2 जनवरी 2024, 13:34 IST
