नीरज कुमार/बेगुए. समावेशी परिवेश के साथ-साथ युवाओं में वफादारी का भी वोग बढ़ रहा है। पहले यह फिल्में देखने के लिए देखी जाती थीं, लेकिन अब शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोकप्रियता का चलन बढ़ गया है। बॉडी पर टैटू गुडवाना फैशन में गाना हो गया है। विशेष रूप से टैटू में टैटू के प्रति अधिक क्रेज़ देखने को मिल रहा है। अगर बात बिहार, झारखंड और यूपी जैसे राज्यों की हो तो अभिलाषा को लेकर जैसे होड़ सी मची हुई है। यहां हर समय लोन लेते लोग मिल जाएंगे। नव, सावन या फिर अपने प्रेम की निशानी के रूप में टैटू बनवाते हैं। हालाँकि, शरीर पर टैटू बनाने के साइड इफेक्ट भी हैं। इससे शरीर को नुकसान भी हो सकता है. मित्रों की माने तो टैटू डिजाइन के दौरान अगर सावधानियां नहीं बताई गईं तो यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
निष्ठा से हो सकता है यह नुकसान
फार्मेसी सदर हॉस्पिटल के मेडिकल वैल्यू डॉ. कृष्ण कुमार ने लोकेलु 18 से जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोषियों से दलित होने का खतरा रहता है और पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मरीज सामने आए हैं। बॉडी पर टैटू के कारण त्वचा कैंसर का भी खतरा हो सकता है। टैटू की इंक में मौजूद कुछ वास्तुशिल्प तत्व कैंसर का भी कारण बन सकते हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ब्लैक इंक में बेंजो पायरीन का लेवल अधिक होता है। बॉडी पर टैटू से खून से लथपथ प्लास्टिक के भी बढ़ने का खतरा है। इसका एक बड़ा कारण सुयंस को भी आप शेयर कर सकते हैं। किसी भी व्यक्ति में एलर्जिक स्टॉक का टैटू का कारण बन सकता है। इससे आप कई साल बाद भी इस परेशानी का शिकार हो सकते हैं।
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इन बातों का अंतिम चरण
चिकित्सा डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि सड़क किनारे या गोदाम भी टैटू भूलकर भी नहीं। यदि टैटू बनवाना ही चाहते हैं तो साफ-सफाई का आवेदन रखें। इसके अलावा सुइयों और रंगों को एक से अधिक के साथ साझा करने के दौरान सावधानी बरतें। टैटू बनाने वाले व्यक्ति ने ग्लव्स पहने हैं या नहीं इन सभी को ध्यान में रखा गया है। बता दें कि एक बार से अधिक सुई के इस्तेमाल से खतरे को बढ़ावा देने का प्रस्ताव काफी है।
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पहले प्रकाशित : 2 जनवरी 2024, 13:18 IST
