रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. खून की खराबी की समस्या बेहद आम है। रोजाना कई लोग जुड़े होते हैं। कभी-कभी ये बीमारी जन्मजात भी साबित हो जाती है। आयुर्वेद में इस बीमारी की रोकथाम के लिए कई बताए गए उपाय बताए गए हैं। ऐसा ही एक उपाय है सहजन का पेड़. सहजन के पत्ते से लेकर फली तक कई चुनौती से लड़ने में मदद मिलती है। सहजन का पेड़ वन्यजीवों के ग्रामीण इलाकों में बेहद आम है। लोग इसका सागा, साग-सब्जी और सब्जियों में उपयोग करते हैं।
सहजन को अंग्रेजी में मोरिंगा और स्थानीय भाषा में मुनगा के नाम से जाना जाता है। वयोवृद्ध के जिला आयुषी डॉ. श्याम नंदा के शिष्य हैं कि सहजन का पत्ता त्रिदोषशामक है। विटामिन में विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और खनिजों की प्रचुर मात्रा होती है। साथ ही विटामिन ए, बी1, बी2, बी6, सी और फोलेट का समृद्ध स्रोत हैं। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, स्टोन, आयरन और फास्फोरस भी प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। इससे जुड़े ब्लड वॉल्यूम से लेकर जोड़ों के रोग में लाभ का पता चलता है।
प्रोटीन का खजाना
आगे बताया कि मुंगा के डॉक्टर, फूल ड्रमर और स्टिक यानी फली स्वाद के साथ-साथ कई विस्फोटकों में डूबे हुए हैं। इसमें भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। ये पाचन तंत्र से लेकर किडनी, ब्लड प्रेशर, मांसपेशियों की समस्या सहित कई बीमारियों से जूझने में मदद करता है, जिसके कारण पूर्व के समय से लोग इसका इस्तेमाल करते आ रहे हैं।
ऐसे करें सेवन
बताया गया है कि इसका सेवन करने के लिए लोग इसके किचनर और स्टिक ड्रमर का साग, सब्जी आदि बनाकर सेवन कर सकते हैं। इसकी सब्जी बनाकर सेवन कर सकते हैं. मूंगा खाने से होते हैं कई फायदे.
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि की सलाह हमारे वैज्ञानिकों द्वारा दी गई चर्चा के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है, कोई व्यक्तिगत सलाह नहीं। हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही, किसी भी चीज का उपयोग करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम का किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
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पहले प्रकाशित : 3 जनवरी 2024, 09:01 IST
