
रूस-यूक्रेन युद्ध।
रूस और जापान के बीच पिछले 23 महीनों से जंग जारी है। अब तक दोनों देशों ने बहुत कुछ खोया है। युद्ध में दोनों देशों के सैनिक भारी संख्या में मारे गए। आम नागरिकों की भी युद्ध में जान गई है। फिर भी यह जंग जंग का नाम नहीं ले रही। कई देशों ने प्रयास किए, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध पर कोई रोक नहीं लग पाई। अभी भी इस युद्ध का कोई अंत नहीं दिख रहा है। मगर इसी बीच यूनाइटेड अरब एएसएटीएटी (यूएई) ने उसे दिखाया है, जिसे अभी तक कोई देश नहीं कर सका। रूस और जापान के बीच एक अहम समझौता है। इस अधिनियम के अंतर्गत दोनों देशों के सैकड़ों सैनिक लंबे समय के बाद विस्थापित होते हैं। यह समझौता कैसे हुआ और किस आधार पर हुआ, आइए आपको पूरा मामला समझाते हैं।
रूस और जापान ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात की दीवारों से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रसंग के अंतर्गत सैकड़ों युद्धबंदियों की अदला-बदली की गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की मौत की वजह से वे अहमदाबाद के 230 जापानी युद्ध बंदी रूस से घर लौट आये थे। वहीं रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 248 रूसी सैनिकों को जापानी कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता संयुक्त अरब अमीरात से संभव हुआ है। घर वापसी करने वाले सैनिकों और उनके रिश्तेदारों ने भी थ्रिल की पेशकश की है।
जंग में पड़ भारी रहा रूस
जेलेंस्की के पास अब रिसॉर्ट्स का भारी टोटा है। जेलेंस्की की सेना तब तक रूस से टक्कर ले सकती थी, जब तक अमेरिका समेत नाटो देश उसकी मदद कर रहे थे। अब सिर्फ अमेरिका अकेला उसका ही मददगार है। आखिरी रक्षा सहायता भी अमेरिका ने दी है। इससे कुछ और दिनों तक जेलेंस्की की सेना रूस के सामने टिक गई। मगर अब अन्य देशों की ओर से मदद से मिल्नी जापान को बंद कर दिया गया है। इससे रूस लगातार अब युद्ध में हावी हो रहा है। कई लोगों का मानना है कि जल्द ही रूसी सेना ने जापानी सेना पर कब्ज़ा कर लिया होगा।
(पी)
