रामकुमार नायक/रायपुर होली का त्योहार आ रहा है और रंग-बिरंगी तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार आप केमिकल युक्त गुलाल से दूर के प्लांट गुलाल का उपयोग करके होली को सुरक्षित और स्वस्थ बना सकते हैं। होली के त्यौहार पर एक दूसरे को तरह-तरह के रंग लगाकर उत्साह से सभी परिवार के साथ पर्व मनाया जाता है। ऐसे में केमिकल के इस्तेमाल को लेकर विशेष ध्यान रखें लेकिन इस बार आप केमिकल फ्री गुलाल से होली खेलने वाले जश्न को सुरक्षित बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित डोकरपाली गांव के बिहान से जुड़ी जय माता दी की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है।
हर्बल गुलाल के उपयोग से कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है। महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे पौधों में गुलाल की कई खूबियां होती हैं। इसमें रंग और सुगंध के लिए फूलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी तरह का केमिकल न समझे ताकि व्यक्ति को कोई नुकसान न हो। ग्रुप की सदस्य चित्ररेखा ने बताया कि पिछले साल होली में 80 किल् प्लांट गुलाल महिलाओं ने बनाया था। जिससे 30 से 40 हजार रुपये की इन्वेस्टमेंट ग्रुप की स्थापना हुई थी। होली के त्योहार के समय बाजार में गुलाल की आकर्षक मूर्तियां रहती हैं।
गुलाल बनाने की विधि
महिलाओं का कहना है कि 10 रुपए, 20 और 50 रुपए के पौधे गुलाल के पौधे बाजार में आसानी से बिक जाते हैं। गुलाल बनाने में पालक, लालभाजी, हल्दी, हल्दी, बूटी और फूलों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा पेंटिंग और फूलों के बाजार से बेच वाली का उपयोग फूलों के बागानों को सुखाकर सुखाकर यूनिट में पीसकर गुलाल तैयार करने के लिए किया जाता है। गुलाब, गेंदे, खीरा फूल के साथ चुकंदर, हल्दी, आम और अमरूद की हरी सब्जियां भी पसंद की जाती हैं।
इस बार भी लगभग 60 रेग गुलाल तैयार हुआ है। जिसमें से आधी मात्रा बिक गयी है. गुलाल अनेक रंगों में बना रहता है जिसमें हरा, गुलाबी, पीला, केसरिया गुलाल शामिल है। अधिक जानकारी एवं प्लांट प्लांट गुलाल के ऑर्डर के लिए महिला ग्रुप के मोबाइल नंबर 6260392913 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 3 मार्च, 2024, 09:56 IST
