बजाजा तिवारी/भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय से बच्चों में दिल से जुड़ी बीमारियां सामने आ रही हैं। लगातार स्थिर जीवन शैली और खान पान का हमारा शरीर काफी प्रभावशाली दिख रहा है। पहले अगर दिल से जुड़ी चुनौती की करे तो उम्र बढ़ने के साथ ये बात जुड़ी थी. मगर आज कल बच्चों में ये परेशानी आम तौर पर देखने को मिल रही है। दिल शरीर का एक मुख्य भाग होता है, जिसका स्वस्थ होना भी जरूरी है बाकी अंगो का। कोरोना काल से इन प्रकार की बीमारियां और तेजी से बढ़ रही हैं। छोटे-छोटे बच्चों में भी आज कल इस तरह की कई बातें देखने को मिल रही हैं। भोपाल के प्रसिद्ध मेडिकल मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टर अविनाश नारायण खरे ने बताया कि बच्चों में दिल से जुड़ी खिलाड़ियों को कैसे पहचानें।
बच्चों में दिल की समस्या के कारण कई बातें देखने को मिल रही हैं। बच्चों में दिल का अद्भुत जन्म होने के बाद से ही शुरू हो जाता है। अगर ये अचूक सही प्रकार से न हो तो बचपन से ही समस्या हो जाती है। अगर बच्चों की छाती में दर्द हो या कैसी प्रकार की आवाज मिले या छाती घिचे तो ध्यान दे। इसके साथ ही अगर आपका बच्चा ब्लू कलर का है तो इस पर विशेष ध्यान दें। बच्चे को कई बार परेशानी होती है और उसके शरीर पर नीले रंग की तस्वीर दिखती है, ऐसे में डॉक्टर से जल्द ही संपर्क करें और विशेष देखभाल की जरूरत है।
शरीर का वजन न बढ़ने के पीछे दिल की समस्या भी हो सकती है
भोपाल के मशहूर डॉक्टर अविनाश खरे कल ने कहा कि बच्चे आज दिल से जुड़े रिश्ते काफी बढ़ रहे हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण देखने को मिले तो आप समय पर सतर्क हो जाएं। अगर आपके बच्चे में भूखापन या फिर वजन बढ़ने की समस्या हो। इसके अलावा अगर शरीर नीला हो जाए तो सतर्क हो जाएं और समय पर डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। साथ ही अगर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो तो उसकी भी जांच जरूर करा लें, इसके पीछे भी दिल से जुड़ी समस्या हो सकती है। कुछ ऐसे मामले जिनमें बच्चों को बचपन से लेकर बचपन तक की परेशानियां होती हैं। ये परेशानी कई बार माता-पिता की बढ़ती जिद की वजह से बच्चों में भी देखी जा सकती है।
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पहले प्रकाशित : 7 नवंबर, 2023, 21:32 IST
