
इजराइल में पवित्र पुत्रों के माता-पिता सुरक्षित रहें
इज़राइल हमास युद्ध: इजराइल और हमास के बीच जंग जारी है। इस जंग में कई इजराइली सैनिक मारे गए। इनमें से अधिकतर ब्रह्मचारी हैं। ऐसे में उनके पवित्र पुत्र ही नहीं, उनके रचयिता जगती स्किकियों को जीवित रखने का तरीका निकाला गया है। इजराइल की सरकार ने इसके लिए स्पर्म सुरक्षित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। यह प्रक्रिया शहीदी सैनिकों को पूर्व की पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा और शुक्राणु को कॉलेज में सुरक्षित रख दिया जाएगा। बाद में गर्भाधान की प्रक्रिया से उक्त शुक्राणु से भ्रूण विकसित हुआ। इजराइल में वर्तमान में पोस्थूमस स्पर्म रिट्रीवल अर्थात पीएसआर प्रक्रिया के तहत विधवा महिला अपने दिव्यांग पति के स्पर्म को सुरक्षित कर सकती है। इसके लिए उसे किसी भी कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है।
राजवंश से आगे बढ़ने से न पर्वतमाला, इसलिए लिया गया निर्णय
मगर, अब माता-पिता को भी अपने बेटे के शुक्राणु को सुरक्षित रखने का अधिकार दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कई साधु सैनिक ब्रह्मचारी हैं और उनके दुनिया से चले जाने के बाद परिवार के आगे बढ़ने का खतरा खत्म हो गया है। कम आबादी वाले इजराइल में यहूदियों की संख्या और कम न होने की चुनौती भी है। इसलिए इस प्रक्रिया का सरलीकरण करके कई उपकरणों को समाप्त कर दिया गया है। इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को आंशिक रूप से सरल बनाया है और माता-पिता को अधिकार दिया गया है।
इजराइल में 1400 से अधिक लोगों की मौत
बता दें कि इजराइल और हमास की जंग 7 अक्टूबर के बाद जारी हुई है। 7 अक्टूबर को हमास के वैज्ञानिकों ने इजराइल में तीन साल पहले भीषण नरसंहार किया था। इसमें 1400 इजराइलियों की मौत हो गई थी। इसके बाद इजराइल गाजा पर लगातार हमले हो रहे हैं। इस हमले में जवानों समेत आम नागरिक भी मारे गये हैं. उधर, फिलिस्तीन ने कहा है कि गाजा में हमास को तबाह करने के लिए इजराइल के जवाबी सैन्य अभियान में 10,569 लोग मारे गए। जान गंवाने वाले गुमनाम नागरिकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
