वर्ष 2019 पाठक/अलवर. दीपावली का त्यौहार सभी लोगों के लिए यादगार रहता है। सभी लोग इसका बेसब से इंतजार भी करते हैं, क्योंकि दीपावली के अगले दिन को जाने वाला गोवर्धन पर्व के दिन सुबह मनाया जाता है और अन्य स्थानों पर अनाकोटि बनाने की परंपरा है। इसके लिए लोग सुबह से ही तैयारी में निकल जाते हैं। इस बार अरुणाचल प्रदेश में अन्नकूट को लेकर असमंजस जारी है। कारण है कि इस बार दीपोत्सव पर्व छह दिन की बजाय पांच दिन का है। कई लोगों ने सोमवार को एनकोडिन बनाया, कई स्थानों पर मंगलवार को भी एनकटोकन तैयार कर भगवान को भोग लगाया गया।
ऐसा होता है अन्नकूटण
दीपोत्सव के अगले दिन सुबह अन्नकूट तैयार कर भगवान को भोग लगाया जाता है। परंपरा है कि नए फल का भगवान को भोग लगाया जाता है। इसमें बाजरा, चौला, चावल, मूंग, सब्जी समेत कढ़ी आदि का भोग तैयार किया जाता है. इसे 56 ब्लॉग भी कहा जाता है. बाद में 56 भोग भगवान का भोग व्यापारियों को प्रसाद वितरण किया गया।
अन्नकूट में सब्जी होती है खस
अन्नकूट में तैयार होने वाली सब्जी वाली सब्जी होती है। यह सब्जी मिक्स होती है, इसमें मूली, पालक, बैंगन समेत अन्य सब्जियां शामिल होती हैं। अन्नकूट की खास बात यह है कि जिले के अधिकांश मंदिर और कई लोग घरों पर अन्नकूट तैयार करते हैं। इसलिए मंडी में हरी सब्जियों की मांग बढ़ी है। मांग बोने के कारण इन दिनों हरी सब्जियों के भाव बोए जा रहे हैं।
5 से 7 रुपए बढ़े बढ़े हुए रोल के भाव
बुधवार को सब्जी मंडी में सब्जी विक्रेता के एमडी ने बताया कि अन्नकूट के बाजार में दुकानदारों की मांग बढ़ गई है, सुबह से ही मंडी में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मांग के सुपरमार्केट के भाव के बाद भी मांग ज्यादा रही। इस कारण सभी नोटबुक के भाव में सोमवार को 5 से 7 रुपये प्रति वर्ष की तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
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पहले प्रकाशित : 14 नवंबर, 2023, 12:53 IST
