
अरब देश के नेता (प्रतीकात्मक)
इजराइल-हमास युद्ध में हजारों नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। अभी तक इस युद्ध का कोई ठोस समाधान नहीं मिल पाया है। यह बात अलग है कि आज ही इजराइल-हमास के बीच 4 दिनों के संघर्ष विराम पर सहमति बनी है। मगर इजराइल- हमास के संघर्ष के बीच गाजा में फंसे लोगों के लिए मानवीय सहायता और युद्ध के फ़्लोरिडा समाधान को लेकर इस्लामिक और अरब देशों के नेताओं को अब भारत से काफी उम्मीद है। ऐसे में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए इस सप्ताह अरब लीग के विदेश मंत्रालय के भारत आने की संभावना है। अरब जगत के मंत्री अपनी इस यात्रा के चरण में चीन से वापस आ रहे हैं, अन्य उद्देश्य गाजा क्षेत्र में सैन्य अभियान को समाप्त करना है। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद और नामांकन पर जोर देने के लिए वह नई दिल्ली में बातचीत करेंगे।
संकट से निपटने का उपाय इस्लामिक और अरब देशों के नेताओं के लिए जल्द ही दिल्ली आने वाले हैं। इस बातचीत में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल होंगे. ये सभी नेता पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में समस्या का समाधान ढूंढते हुए दिल्ली आ रहे हैं। इसमें अरब और इस्लामिक विदेश मंत्री का सानिध्य शामिल है, जो नई दिल्ली का दौरा करेंगे। इन देशों में सऊदी अरब, जॉर्डन, मिस्र और फिलिस्तीन के विदेश मंत्री के भारत दौरे पर आने की उम्मीद है। इस दौरान वह मोदी के साथ ही विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात करेंगी।
भारत के अभिलेख की कायल है दुनिया
भारतीय पत्रिका और पीएम मोदी के मजबूत संवाद की पूरी दुनिया कायल है। भारत के संबंद्ध इजराइल और फिलीस्तीन दोनों ही देशभक्त से अच्छे हैं। ऐसे में इस्लामिक और अरब देशों को उम्मीद है कि मोदी मित्रता से बातचीत करके इसका कोई समाधान नहीं निकाला जाएगा। सभी देशों में शामिल प्रधानमंत्री मोदी से युद्ध को फ्लॉप रूप से रोकने की अपील करेंगे।
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