अर्थशास्त्र सेजू/बाडमेर। शीत लहर में सर्दी, खांसी से लेकर बुखार, वायरल संक्रमण, कमर, शरीर और जोड़ों में दर्द जैसी समस्या बढ़ जाती है। दांतों के कारण मसल्स में दर्द बढ़ता है। ठंड के मौसम में शरीर का इम्युनिटी सिस्टम भी ख़राब हो जाता है, ऐसे में सही खान-पान, नियमित व्यायाम और मितव्ययी बच्चों के सेवन की सलाह बिना किसी रुकावट के दी जा सकती है।
पश्चिमी राजस्थान के मछुआरे में सोंठ और गुड़ के लौड काफी पसंद किये जाते हैं। सोंठ के दूध न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं बल्कि कमर में दर्द, गले का खराश, ख़राब समानता जैसी समस्याओं को भी दूर करने में मदद करते हैं। यह शरीर को न केवल गर्म रखता है बल्कि प्रतिरक्षा क्षमता को भी बढ़ाने का काम करता है। सोंठ और गुड़ के जोड़ों में ताकत देने के साथ-साथ इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए भी काफी चमत्कारी होते हैं। इसका सेवन करने से समुद्र में शरीर गर्म रहता है।
ओल्ड बनाने की रेसिपी
सोंठ के लोधी बनाने के लिए एक चटनी में देसी घी गर्म करना चाहिए. अब इसमें सोनम कपूर अच्छी तरह से अच्छे से भुनाना चाहिए। जब गोंद का फूल जाए तो उसे किसी अन्य प्लेट में निकाल लेना चाहिए। अब बाकी बची हुई घी में आटा तैयार किया जाए तब तक भुना जाए जब तक यह गोल्डन ब्राउन न हो जाए। अब फिर से आटे में घी डाल कर गरमा गरम हो जाने दीजिये, इसमें सोंठ पाउडर मसाला एक-दो मिनिट के लिये भूनना चाहिये. इसके बाद गोंद को पीसकर उसका पाउडर बनाया जाना चाहिए। अब बटुए की टोकरी पर गुड़ का सामान चाहिए। जब गुड़ ठीक से पिघल जाए तो बंद कर दिया जाए। अब इस पिघले हुए गुड़ में आटा, सोंठ, गोंद, बादाम का पाउडर, नारियल और कटे हुए पिस्ते नारियल के टुकड़े से मिलाया जाता है. जब यह मिक्स ठंडा हो जाए तब इसका लोध बना लेवें। इस तरह के सौंठ और गुड़ के लोथ तैयार हो जाएंगे जो न केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं बल्कि गर्मियों में जोड़ों के दर्द से काफी राहत मिलती है।
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पहले प्रकाशित : 24 नवंबर, 2023, 11:59 IST
