
फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना और चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग।
फ्रांस और चीन ने स्थिर वैश्विक तनाव और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर एक साथ होने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। फ्रांस का पहला भी चीन की तरफ से अधिक रहा है। फ्रांस और चीन की दोस्ती मजबूत होने से इसका सीधा खतरा अमेरिका हो सकता है। फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना ने शुक्रवार को कहा कि फ्रांस और चीन को वैश्विक तनाव कम करने के लिए सामूहिक रूप से काम करना चाहिए और जलवायु परिवर्तन तथा जैवविविधता जैसे विषयों पर ध्यान देना चाहिए।
दुबई में अगला सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख जलवायु सम्मेलन से शुरू हो रहा है और अगले महीने यूरोपीय संघ-चीन के नेताओं की बैठक से पहले कोलोना बीजिंग की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा इजराइल-हमास के बीच चार दिन के युद्धविराम की शुरुआत के साथ हो रही है। कोलोना ने चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग से मुलाकात के दौरान कहा, ”हम दोनों, बड़ी महाशक्तियों के रूप में विश्व महाशक्तियों के इंटरव्यू से लेकर प्रतिभागिता तक की जिम्मेदारी साझा करते हैं और हम विश्व में तनाव खत्म करने की दिशा में समन्वित प्रयास कर सकते हैं।”
वैश्वक अवशेष प्रमुख देवता हैं
अरब देशों के विदेश मंत्रालय के एक सहयोगी ने गाजा में युद्ध विराम पर जोर देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के साथ बैठकों के तहत पिछले कुछ दिनों से चीन और फ्रांस में बातचीत की है। यूरोपीय संघ (ईयू) चीन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। वह चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रतिबंधित करने के मामले में व्यावसायिक जांच शुरू कर रही है। ईयू के अधिकारियों ने चीन के साथ अपने बड़े व्यापार व्यापार को कम करने के लिए कदम उठाने की पेशकश की है।
चीन के साझेदारों के साथ-साथ यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ मिलकर अपने सहयोगियों को संगठित करने की कोशिश की जा रही है। पिछले साल दिसंबर में चीन में महामारी संबंधी पाबंदियों को नेताओं से हटा दिया गया था-महाराष्ट्र की बैठकों में मदद मिली थी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल ग्रेजुएटन ने अप्रैल में चीन की यात्रा की थी जिसके बाद वित्त मंत्री ब्रूनो ली मायरे ने जुलाई में चीन की यात्रा की। ली ने कहा, ”चीन और फ्रांस की हर दृष्टि से बेहतर हो रहे हैं।” विशेष रूप से कई प्रयास बहाल होने के कारण हर स्तर पर हमारी बातचीत और जल्दी जल्दी हो रही हैं।’ (पी)
