उत्तर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए।
नमक के सेवन से दुनिया में 25 लाख लोगों की मौत हो सकती है।
शरीर पर नमक कम करने के फायदे: नमक हमारे जीवन के लिए जरूरी है। लेकिन अगर इसकी ज़रूरत से ज़्यादा लिया जाए तो इस तरह की कोई भी चीज़ आप सोच भी नहीं सकते। सबसे ज्यादा दिल का संकट आता है. सच्चा, नमक का अधिकांश भाग हरा-भरा रहता है। हमारे शरीर में फ्लूड का अनुपात निर्धारित होता है। इस कारण से मसल्स और नर्व काम करते हैं। जब शरीर में मूत्र कम होगा तो मूत्रवर्धक पानी को रोककर रखें जब शरीर में मूत्र की मात्रा कम होगी तो मूत्रवर्धक मूत्र को बाहर निकाल दिया जाएगा। लेकिन जब बहुत अधिक संख्या में अवशेष होंगे तो यूरोपियन रेलवे में सफल नहीं हो सकेंगे और उनके परिणाम यह होंगे कि उनमें से अधिकांश में जमा होना और पानी को रोकनाकर कायम रहना है।
इससे ब्लड का बढ़ना बढ़ जाएगा जिसके कारण हार्ट को पंप करने में परेशानी होगी। इससे धमनी में खराबी अधिक हो जाएगी, जिसके कारण कई तरह के हार्ट डिजीज और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए एक अध्ययन में यह साबित होता है कि आपके दैनिक जीवन में हर रोज अगर आप एक नमक के टुकड़े कर देंगे तो हाई ब्लड मिक्स के मरीज को केवल औषधि खाने से लाभ होता है, उसे कहीं भी बहुत अधिक लाभ होता है।
अधिकांश मध्य आयु वर्ग के लोग अधिकतर नमक हैं
फॉक्स न्यूज के अनुसार जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्ययन में स्पष्ट रूप से यह पाया गया है कि प्रतिदिन एक खाद्य पदार्थ में नमक के टुकड़े शरीर पर कई तरह के सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इनमें हाई ब्लड फार्मास्युटिकल की दवा अल्कोहलिक फ़ायदे मिल और कई अन्य दवाओं के लक्षण भी कम हो सकते हैं। ये उन लोगों के लिए भी जादुई है जिनमें हाई ब्लड प्रेशर शामिल है बल्कि उन लोगों के लिए ये और भी खतरनाक है जिनमें हाई बीपी नहीं है. वेंडरविल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर, नॉर्थवेस्टर्न में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि मिडिल एज में सबसे ज्यादा लोग जहां नमक का सेवन ज्यादा करते हैं, वहां उन्हें हाई बीपी का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि सामान्य घटक की तुलना में लो घटक साइंटोलिक ब्लड ड्रायवल (ऊपर वाला) 6 महीने तक कम देता है। इतनी बीपी की दवा खाने से ही कम होती है लेकिन एक नमक कम भी काम कर सकता है।
नमक कितना जरूरी है
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। इसमें 2 ग्राम नमक और 3.5 ग्राम पोटेशियम होना चाहिए लेकिन दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोग 9 से 12 ग्राम नमक का सेवन करते हैं। अवलोकन में पिज्जा, बर्गर आदि जैसे आम खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं जिनमें अधिकांशतः नमक होता है। अधिकांश नमक का परिणाम यह होता है कि इससे कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, स्ट्रोक और कोरोनरी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। जो दिल की परेशानी से पहले पीड़ित हैं, उनके लिए अधिक मात्रा में नमक खाना और भी घातक है। उनका कहना है कि नमक के सेवन से दुनिया में 25 लाख लोगों की मौत हो सकती है।
अधिक नमक के दुष्परिणाम
किडनी के लिए नमक पचाने के लिए पानी की अतिरिक्त आवश्यकता होती है। इससे पहले पेट फूलने वाले और चेहरे पर पफी जैसे दिखने वाले। इसके अलावा हाथ और पैर में भी सूजन आ जाती है। अधिक मात्रा में नमक के सेवन से लंबे समय तक उच्च रक्तचाप और दिल से संबंधित लक्षण हो सकते हैं। इसलिए यदि अधिक मात्रा में नमक का सेवन किया जाए तो मांग करना जरूरी हो जाता है। अगर बच्चा है तो इससे अतिरिक्त नमक बाहर आता है। वहीं बाकी का सेवन नमक की मात्रा शरीर में और पोषण प्रदान कर सकता है। यानी नमक का सेवन ना करें तो कम से कम हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
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पहले प्रकाशित : 28 नवंबर, 2023, 17:59 IST
