सौरभ वर्मा/रायबरेली: आयुर्वेद में वनस्पतियों के विभिन्न रूपों का रोग चिकित्सा के लिए उपयोग किया जाता है। यूं तो भारत में बहुत सारी वनस्पतियां या हरी बूटियां हैं। हर वनस्पतिक औषधि का अपना एक अलग ही महत्व है। हम बात कर रहे हैं, एक ऐसी औषधि की जो खेत, खलिहानों नालों या खाली मैदान में पाया जाता है। उसे हम लोग आम बोल चाल की भाषा में घमरा कहते हैं। लेकिन आयुर्वेद में उन्हें भृंगराज कहते हैं।
ये कोई साधारण पौधा नहीं बल्कि एक औषधि पौधा होता है। जो ब्रून्स से आयुर्वेद में औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इसे दोबारा समझकर नष्ट कर देते हैं। आयुर्वेद के सलाहकार हैं, आयुर्वेद में भृंगराज को केशव राज कहते हैं। जो बाल के डॉक्टर एक रामबाण औषधि के रूप में काम करते हैं।
बालों के लिए रामबाण औषधि है भृंग
अमेरीका की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. पिशाच मित्र की कहानी है, कि भृंगराज को आमचल की भाषा में घमरा कहा जाता है। जिसे आयुर्वेद में भृंगराज के नाम से जाना जाता है यह एक औषधीय पौधा होता है। किस प्रकार के तेल का उपयोग करके हमें कई लाभ मिलते हैं। इसके इस्तेमाल से बालों को सफेद होने से नुकसान होता है, बालों की लोकप्रियता को फिर से हासिल किया जाता है, साथ ही बालों को सफेद होने से देखा जाता है, डैंड्रफ से भी अछूता रहता है।
ऐसे करे उपयोग
डॉ. पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि किसी भी बड़े प्लास्टर में सरसों या नारियल का तेल का मिश्रण गर्म किया जाता है और उसी में भृंगराज की पत्तियां या पाउडर दाल तब तक बनाई जाती है जब तक कि मिश्रण का रंग हरा न हो जाए। उसके बाद उसे उसी पॉचराज में रखा गया, भृंग अपना पूरा सत्व उस तेल में छोड़ दिया गया। इसके बाद शाम के समय अपने बालों में तेल का प्रभाव गुनगुना कर लें और सुबह इसे धोने से ऐसा करने से आपके बालों को काफी फायदा होगा।
अस्वीकरण: इस खबर में दी गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य बेनिटिट रेसिपी की सलाह, हमारे सुझावों की चर्चा के आधार पर है। यह सामान्य जानकारी है न कि व्यक्तिगत सलाह। हर व्यक्ति की जरूरतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही किसी चीज का इस्तेमाल करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम का किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए कोई उत्तरदायित्व नहीं होगा।
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पहले प्रकाशित : 31 दिसंबर, 2023, 07:54 IST
