लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा:- धान के समर्थन मूल्य की तुलना का अंतिम दिन 31 जनवरी को था। अब छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने किसानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उनके हित में बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में धान अस्थान की अंतिम तिथि 31 जनवरी से बढ़ा दी गई है। साथ ही इस मिले समय में अवकाश के दिन शनिवार और रविवार को भी धान की कमी होगी।
इन वजहों से हो रही किसान को देरी
जांजगीर चांपा जिले के जिला विपणन अधिकारी गजेंद्र बिल्डर ने बताया कि बारिश और खराब मौसम के कारण कई किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं। वहीं राज्य के विभिन्न जिलों में कई पंजीकृत किसानों ने भी अपना धान नहीं खरीदा है। जिस कारण किसानों द्वारा लगातार धान की तारीख बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में धान की तारीख 31 जनवरी 2024 से लेकर 04 फरवरी 2024 तक ऑर्डर जारी किया गया है। इसके साथ ही इस तारीख में अवकाश के दिन शनिवार और रविवार को भी धान दोबारा मिलेगा।
किसानों को मिलेगा फ़ायदा
बता दें कि प्रशासन द्वारा 04 जनवरी को किसानों की सुविधा के लिए धान की खेती की सीमा भी तय कर दी गई थी। जिस कारण प्रदेश के साथ-साथ जांजगीर चांपा के किसानों को भी लाभ मिलता है। धान की आवक को देखते हुए किसानों की सुविधा के लिए जिले में धान की सीमा पूर्व में 01 लाख 69 हजार से अधिक किसानों से प्रतिदिन 02 लाख 18 हजार 6 सौ रुपये की खरीदी गई थी, जिस बाजार में हर दिन ज्यादा धान की खरीदारी हो रही थी . शिक्षकों ने जानकारी देते हुए बताया कि जांजगीर चांपा जिले में 129 आश्रमों से लेकर 62 लाख रुपये का आश्रम है और इस साल जिले में धान का लक्ष्य 65 लाख रुपये का है।
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पहले प्रकाशित : 1 फरवरी, 2024, 14:02 IST
