अनूप/कोरबाः- इस वर्ष मनावरी 8 मार्च को मनाई जाती है। भगवान शिव के भक्तों के लिए मनाया जाता है महाशिवरात्रि पर्व। इस दिन का भक्तों को बेसबाल से इंतजार होता है। इस दिन भक्त व्रत विधि-विधान से भगवान भोले शंकर की पूजा करते हैं। ऐसी ही मान्यता है कि इस दिन सतीत्व मन से हर मंत भगवान भोलेनाथ पूर्ण हो जाते हैं और सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित दशरथ नंदन डेंटल ने बताया कि इस दिन व्रत करने से सभी भक्तों की भावनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि की वह रात है, जिसका शिवत्व के साथ अंतिम संस्कार होता है। शिवार्चन और जागरण ही इसका लाभ है।
जन्मदिन का शुभ उत्सव
ज्योतिषाचार्य पंडित दशरथ नंदन डेंटल ने बताया कि 8 मार्च को रात्रि 9 बजकर 57 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन शाम 6 बजे 17 मिनट पर होगा। यानी उदया तिथि के अनुसार 8 मार्च को मनाया जाएगा। इसी प्रकार पूजन निशिता काल में किया जाता है। इस बार निशिता काल 8 मार्च को रात 12 बजे से 5 मिनट तक है 9 मार्च को रात 12 बजे तक 56 मिनट तक।
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मंत पूर्ण करने के लिए करें ये पूजा विधि
ज्योतिषाचार्य ने इस माहरात्रि पर सर्व सिद्धि मंत्र पूर्ण करने के लिए अचूक उपाय बताए हैं। उन्होंने कहा कि पांच बेलपत्र, 11 चावल, जो गिरे ना हो, थोड़ा सा काला तिल और आम के बाउर (फूल) भक्त मन से भगवान भोले शंकर को नष्ट करें और अपने मन की प्रतिज्ञा के लिए प्रार्थना करें। इससे सभी प्रकार की मानसिकता पूरी तरह से मिलती है।
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पहले प्रकाशित : 3 मार्च 2024, 10:03 IST
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