
भारत सरकार के ऑटोमोबाइल डिपो की तरफ से एक खास तरह के सिस्टम की समीक्षा की जा रही है।
आपातकालीन चेतावनी संदेश क्या है: भारत सरकार की ओर से एक बार फिर से उपभोक्ता को अनुरोध का संदेश भेजा गया है। पुरानी बात यह है कि आज 10 अक्टूबर को एक दो बार नहीं बल्कि चार-पांच बार सिफारिश का संदेश आया। मोबाइल फोन पर बार-बार सुझाव का संदेश, उपभोक्ता भी काफी हैरान और चिंतित। लोगों के मन में बस एक यही इच्छा की इच्छा थी कि अंतिम बार अनुरोध का संदेश क्यों आ रहा है?
बता दें कि इस समय भारत सरकार एक खास तरह के सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है ताकि आपको सभी मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ मैसेज भेजने की जरूरत पड़े। विशेष को परीक्षण करने के लिए सरकार की ओर से अनुरोध का संदेश भेजा जा रहा है। हालाँकि इससे पहले मोबाइल उपभोक्ता को सिर्फ एक बार ही सम्भावना का संदेश आया था।
आज यहां ज्यादातर उपभोक्ता पहुंचे थे लेकिन बाद में सभी उपभोक्ताओं को भेज दिया गया। बता दें कि भारत सरकार के न्यायिक विभाग ने सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से मोबाइल उपभोक्ताओं को सैटेलाइट संदेश भेजा है। अगर आप भी आज बार मिल रहे हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है आप इसे नजरअंदाज कर दें। इस संभावना का एक मात्र उद्देश्य यह है कि किसी भी आपदा के दौरान सिस्टम ठीक तरह से काम करेगा या नहीं।
फेक मैसेज का क्या मतलब है?
अगर आपके पास संभावित संदेश आ रहा है तो इसे लेकर चिंता न करें और न ही पैनिक हों। सरकार की तरफ से आने वाला यह संभावित पेस पैन इंडिया आर्किटेक्चर सिस्टम का पार्ट है। इसे सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से तैयार किया गया है। इसका मकसद लोगों को इमर्जेंसी कंडीशन में तुरंत संदेश देना है।
यह भी पढ़ें- 200MP का प्राइमरी कैमरा वाला लेटेस्ट 20 हजार रुपये से भी सस्ता, 50MP का है सेल्फी कैमरा
