पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के वक्ता मुशायरे के बाद से ही मेहरबान चल रहा है। इब्राहिम हाई कोर्ट ने नवाज शरीफ को दो मामलों में रविवार को दफन कर दिया। यह नवाज के लिए सबसे बड़ी राहत है। वह भी ऐसे वक्त में जब 4 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगा दिया गया और आगामी आम चुनाव में फिर से पूरी ताकत लगा दी गई। पाकिस्तान में फरवरी में आम चुनाव हो रहे हैं। ठीक है पहले ये फैसला अनानास नवाज़ शरीफ़ और उनकी तस्वीरों के लिए किसी बड़े तोहफ़े से कम नहीं है।
बता दें कि नवाज़ को इन मामलों में 2018 में दोषी ठहराया गया था। सरफराज (73) ने एवेनफील्ड प्रॉपर्टी और अल-अजीजिया मामलों में अपनी सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश अमीर आमिर फारूक और रॉबर्ट मियांगुल हसन औरंगजेब की दो एलिजाबेथ पीठ ने दोनों की पसंद के अनुसार निर्णय लेने का फैसला किया। पूर्व प्रधानमंत्री सरफराज को जुलाई, 2018 में दोषी ठहराया गया था।
नवाज़ को हुई थी 10 और 7 साल की सज़ा
नवाज को लंदन में आय के अज्ञात संसाधनों से अधिक संपत्ति से संबंधित एवेनफील्ड संपत्ति के मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। जबकि दिसंबर, 2018 में अल-अजीजिया स्टील मिल्स मामले में 7 साल की सजा हुई थी। राष्ट्रीय पुस्तकालय सहायक पर्यवेक्षण संस्था, राष्ट्रीय एलएलसी स्टूडियो (एनबीबी) द्वारा ये मामले सामने आए थे। वे दोनों मामलों में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील मुखाकृति की थी। सरफराज 2019 में लंदन गए थे और वापस नहीं आए थे और इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दिसंबर, 2020 में दोनों मामलों में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह लगभग चार साल के स्व-निर्वासन के बाद पिछले महीने स्वदेश वापस आये थे। (भाषा)
