अनूप/कोरबाः पुलिस का नाम लेते हैं लोगों के रंग बदलते हैं। पुलिस की गाड़ी के सायरन सुन कान हो जाते हैं। कोरबा जिले में पुलिस की गाड़ी में सायरन की जगह पर एक बार फिर से किलकारी गूंजी है। छत्तीसगढ़ राज्य में 5 साल पहले शुरू हुई उत्पीड़ित रिस्पॉन्स सुविधाओं की सुविधा ने खोए हुए मूल्यों में लोगों को सुरक्षित महसूस कराया है, जिसका ताजा उदाहरण एक ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिला है।
डायल 112 पर लेबर पेन से एक महिला का फोन आया। कंट्रोल रूम ने स्वचालित महिला के ट्रैक ट्रैक किए गए, कोरबा के उरगा थाना डायल 112 की गाड़ी कोबरा 02 से संपर्क किया। सूचना सूचना – पुलिस जवान तुकेश यादव और चालक रवि कुमार इलेक्ट्रानिक रिस्पांस व्हीलर लेकर महिला की मदद के लिए ग्राम रिसदिहा के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंची महिला को लेबर पेन से टोलते हुए देख गाड़ी में बैठा कर इलाज के लिए पास के उप स्वास्थ्य केंद्र सरगबुंदिया ले जाना मुनासिब समझा। रास्ते में महिला का लेबर पेन काफी बढ़ गया और उसने गाड़ी में ही एक स्वास्थ्य अस्पताल को जन्म दिया। पुलिस की गाड़ियों में किलकारी गूंजते ही गाड़ी चालक और पुलिस युवाओं को राहत की सांस और फिर महिलाओं को सुरक्षित उप स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा।
डायल 112 का अच्छा रिस्पांस
एक्के नंबर सब्बो बरदिया 112 छत्तीसगढ़ में स्क्रैप रिस्पांस खपत का आदर्श वाक्य है। एक्के नंबर सब्बो बर 112 डायल ही आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराता है। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि हो या फिर स्वास्थ्य को लेकर कोई भी मॅनेजर स्थिति प्रदर्शित हो, ऐसी स्थिति में इस नंबर पर फोन करके आपातकालीन सहायता प्राप्त की जा सकती है।
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पहले प्रकाशित : 30 नवंबर, 2023, 15:47 IST
