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टेरर फेलो वाले पाकिस्तान को खुद मैत्री संगठन से लग रहा है डर, पाक संसद भी साफ खतरा


पाकिस्तान को श्रमिक संगठन से लग रहा है डर- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: फ़ाइल
पाकिस्तान को श्रमिक संगठन से लग रहा है डॉ

पाकिस्तान कीखबरें: पाकिस्तान ने कई दशकों तक वैज्ञानिकों को पाला पोसा दिया, लेकिन अब ये ही रहस्यमय ‘भस्मासुर’ की तरह पाकिस्तान का काल बन गया है। टेरर फ़्लाइंग वाला पाकिस्तान खुद के दोस्तों के साथ ख़तरा महसूस करता है। यह पाकिस्तान की संसद में भी दिखाया गया है, जब पाकिस्तान के गृह मंत्री ने मैट्रो संगठन के बारे में जानकारी दी। हाल के समय में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में बड़ी संख्या में तहरीक ए-लाइक्स एआईटीपी शियाने की आमद के बीच पाकिस्तान के सामने इस्लामिक स्टेट ‘आईएसआईएस’ की ओर से भी खतरा पैदा हो गया है। मिस मिस अब पाकिस्तान में भी अपना टेरर फैलाना चाहती हैं। इसलिए वह पाक की जमीन पर अपने प्वाइंट के आधार पर अवसर तलाश रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्री ने इन सभी बातों पर पाक संसद की जानकारी दी।

बढ़ते रहे टीटीपी का खतरा

मंत्रालय की ओर से अफगानिस्तान में संसद से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद टीटीपी की जनसंख्या संबंध के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिबंधित गुट के तालिबान के खिलाफ नीट अंतरिम ग़ैरसरकारी सरकार की निष्क्रियता के बारे में भी संसद को बताया गया। गृह मंत्रालय ने 2022 की शांति वार्ता के दौरान टीटीपी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नए संयुक्त राष्ट्र से संबंध और उसके संबंध में विस्तार के बारे में सूचित साझा की, जिसने अपनी मित्रता की भावना को बढ़ाया है।

बलूचिस्तान में बढ़ता आतंकवाद से पाकिस्तान की चिंता

गृह मंत्रालय ने कहा, ‘टीटीपी ने अपने कब्जे में काफी हद तक दरार डाली है और अपनी मजबूती को मजबूत करने के लिए अन्य चरमपंथी विचारधारा का समर्थन करने की कोशिश कर रही है। इसके उपकरण विशेष रूप से खबर पख्तूनख्वा में और चीन में भी इसके बल के निशान दिखाई दे रहे हैं। यह संगठन देश में अपने नेटवर्क को सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है।’

हाल के समय में पाकिस्तान में उग्र आतंकवादी हमले

असल में, हाल के मसाय में पाकिस्तान की खबर पख्तूनख्वा प्रांत में ऑटोमोबाइल उद्योग बढ़ गए हैं। आतंकियों के नाम से पहचाने जाने वाले टीटीपी संगठन ने पाकिस्तान में कई आत्मघाती हमले कर खतरे का माहौल बनाया है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीपीटीपी) के इस क्षेत्र में फिर से शामिल होने से पाकिस्तान सरकार की चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान ने इस मामले में कई बार अफगानिस्तान की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान ने कई बार अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से कहा है कि वे अपनी जमीन पर टीटीपी को न पालें। पाकिस्तान के इन बंधकों का तालिबान सरकार ने कर दिया है।

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