मोरे मौर्य
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के वडोदरा महादेव सट्टा ऐप मामले में गिरफ्तार व्यापारी भाई अनिल और सुनील दम्मानी की अदालत में जमानत याचिका दायर की गई। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। इसके पहले रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने दोनों कारीगरों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों ने उच्च न्यायालय में ज़मानत पद दाखिल किया।
अन्यथा हो सकता है कि महादेव सट्टा ऐप के मामले की जांच कर रही ईडी की टीम ने 23 अगस्त को राय दी कि 23 अगस्त को रायपुर और दुर्ग में फ्लैट्स कर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रिया चक्रवर्ती अनिल और सुनील दम्मानी समेत एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, शशीष चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया था।
उच्च न्यायालय ने सुरक्षित निर्णय लिया
अपराधियों के विरोध में दोनों भाइयों ने राजपूत के खिलाफ ईडी की विशेष अदालत में मुजरिम के लिए आरोप लगाए थे। दोनों साक्ष्यों की सुनवाई के बाद अदालत ने ज़रुरी आवेदन खारिज कर दिया था। जमानती मामलों की सुनवाई के दौरान ग्राहकों के वकील ने तर्क देते हुए कहा कि आरोपियों को राजनीतिक दबाव में गिरफ्तार किया गया है। उनका सीधे तौर पर कोई विरोध नहीं है और न ही रुपये के चोरी का कोई रिकॉर्ड है..
वकील ने आगे यह भी कहा कि ईडी की पूछताछ में पूरा मामला सामने आया है और अब उन्हें जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। कंपनियों ने कोर्ट से सशर्त जमानत की मांग की है। इस पर जस्टिस एन के चंद्रवंशी की सिंगल बेंच में पिछले दो दिनों से सुनवाई चल रही थी। सभी साउंड को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रखा है।
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पहले प्रकाशित : 4 जनवरी 2024, 12:04 IST
