
इज़रायली सेना
इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने हमासिस्ट को सबसे बड़ी चेतावनी दी है। मोसाद खुफिया सेवा के प्रमुख डेविड बर्निया ने रविवार को संकल्प प्रस्ताव में कहा कि एजेंसी हमास के हर उस सदस्य को चुन-चुन कर मारेगी, जो 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमलों में शामिल था। फिर वह कहीं भी छिपा हो। मोसाद ने कहा कि कोई भी हमास दोस्त जिंदा नहीं बचेगा। बेरूत में एक संदिग्ध इजरायली हमले में फिलस्टीनी एक्सट्रीमपंथी ग्रुप के उपप्रमुख के मारे जाने के एक दिन बाद मोसाद प्रमुख ने यह बात कही।
इजरायल ने पंथी समूह के उपप्रमुख की हत्या से संबंधित खबरों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया लेकिन डेविड बर्निया की प्रतिक्रिया से ऐसा खास होता है कि इस हमले के पीछे मोसाद का ही हाथ है। उन्होंने 1972 में म्यूनिख ओलिंपिक में हुई हत्याओं के बाद की घटनाओं का ज़िक्र किया, जब मोसाद के अभियोजक ने इज़राइली खिलाड़ियों की हत्या में फ़िलिस्तीनी चरमपंथियों का पता लगाया और उन्हें मार डाला। की राजधानी में हुए हमलों में हमास के सबसे बुजुर्ग सालेह अरौरी के मारे जाने के बाद हिज्बुल्ला उग्रवादियों के साथ लेबनान में तनाव बढ़ने की समस्या के कारण आज इजरायल में ‘हाई मेंबर’ घोषित कर दिया गया। लगभग तीन महीने पहले गाजा में युद्ध के बाद अरौरी का मारा जाना हमास के लिए एक बड़ा झटका है। दक्षिणी बेरूत हिजबुल्ला का गढ़ माना जाता है और यहां पर लेबनान सीमा पर जारी रिवाल्वर के युद्ध में खतरे को बढ़ाया जा सकता है।
हिज्बुल्ला ने अरौरी की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया
हिजबुल्ला नेता हसन नसरल्ला ने रविवार शाम को एक भाषण में अरौरी की हत्या का बदला लेने का वादा किया और अपने समूह के दावे को दोहराते हुए कहा कि वह अरौरी की हत्या पर चुप नहीं बैठेगा और सजा के बिना नहीं छोड़ेगा। हालाँकि नसरल्ला ने इस बात का बिल्कुल भी ज़िक्र नहीं किया और जवाब कब दिया। नसरल्ला ने कहा, ”इलेक्ट्रॉनिक (इज़राइल) इसका पछतावा होगा।” इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी।” वहीं बर्निया ने दक्षिणी इजराइल के क्षेत्र पर हमास के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि मोसाद गाजा क्षेत्र पर हमला करने वाले हत्यारों का खाता-किताब करने के लिए कहा गया है। उन्होंने इस हमले की साजिश रची और संबंधित लोगों को हमलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किया, जिसमें शामिल लोगों के खात्मे का संकल्प शामिल था। (पीपी)
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